गुरुवार, 13 जुलाई 2017

जिन्दगी का संघर्ष

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जिन्दगी का संघर्ष
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जंगल में सुबह-सुबह शेर उठा और वह भूखा था , नाश्ते
के लिए इधर-उधर देखा तो थोड़ी दूर पर एक
हिरण के बच्चे पर उसकी नजर पड़ी | शेर ने सोचा
नाश्ते का इंतजाम तो हो गया पहले तो शेर ने
अंगडाई ली और फिर जोर से दहाड़ा , तो हिरण के बच्चे ने देखा कि जंगल का राजा सुबह - सुबह खूँनी
आंखों से उसे देख रहा है | उसने सोचा आज तो मर गए , उसने तुरंत जान बचाने
.
के लिए दौड़ लगा दी | उसे पकड़ने के लिए शेर
दौड़ पड़ा , आगे आगे हिरण पीछे-पीछे शेर आगे- आगे
हिरन पीछे - पीछे शेर 10 -15 मिनट की दौड़
चलती रही | रास्ते में झाड़ी , तो कहीं पत्थर , तो
कहीं चट्टान , तो कहीं गड्ढा आया लेकिन हिरण का बच्चा रुका नहीं और थोड़ी देर बाद हिरण का
बच्चा शेर की नजरों से दूर हो गया | अब शेर एक
पेड़ के नीचे बैठ कर हाँफनें लगा और थक कर बैठ
गया | वही पहाड़ की चोटी पर एक जवान शेर बैठा था , जो
यह सारा मामला देख रहा था | उसने ऊपर से आवाज
लगाई अंकल अब आप बूढ़े हो गए हो जंगल की
बादशाहा अब आपके बस कि नहीं रही आपको अब
जंगल को मेरे हवाले कर देना चाहिए | बूढ़ा शेर
बहुत ही समझदार था , उसने दूसरे शेर से कहा कि तुम नीचे आ कर बात करो | जब जवान शेर नीचे आया तो उसने बूढ़े शेर ने कहा "
अब बताओ क्या बोल रहे थे " जवान शेर बोला हद
हो गई " ताकत में , आकार में , रफ्तार में , सोच में ,
दहशत में , आप हर तरीके से उस हिरण के बच्चे से
बेहतर थे | होना तो यह चाहिए था कि , आपकी
दहाड़ सुनकर ही उस हिरण के बच्चे का हार्ट फेल हो जाना चाहिए था , आपको देखकर उसके पैर
कापने चाहिए थे | लेकिन उसने तो आपको ही भगा - भगा कर मार दिया कल जब यह खबर पूरे जंगल में पहुंचेगी की हिरण के बच्चे ने जंगल के राजा के साथ ऐसा किया , तो लोगों शेरों की इज्जत करनाछोड़ देंगे तो बेहतर रहेगा कि अब आप जंगल को मुझे सौप दे | बूढ़ाँ शेर कहता है कि " तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो ताकत में , आकार में , रफ्तार में , सोच में , दहशत में , हर तरीके से मैं हिरण के बच्चे से बेहतर था , लेकिन इस दौड़ में उसने मुझे हराया तो इसकी वजह सिर्फ एक ही थी " उसका मकसद मेरे मकसद से बड़ा था , मैं पेट के लिए भाग रहा था और वह जान बचाने के लिए | " दोस्तों यही मामला हमारी जिंदगी के साथ भी है ,
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जो लोग छोटे सपनों के लिए दौड़ते हैं , उन्हें बड़े
सपनों के लिए दौड़ने लोग उन्हें पीछे छोड़ देते हैं |
जो सिर्फ पेट के लिए दौड़ते है , पढ़ते है या काम
करते है वह हमेशा पीछे रह जाते हैं , इसलिए हमेशा
अपने सपने बड़े देखिए क्योंकि आप चाहे शेर हो या हिरण जिन्दगी के जंगल में हर रोज सुबह
होने पर हिरन सोचता है कि मुझे शेर से ज्यादा
तेज भागना है, नहीं तो शेर मुझे मार के खा जायेगा।
और शेर हर सुबह उठ कर सोचता है कि मुझे
हिरन से तेज भागना है, वरना मैं भुखा मर जाऊंगा। आप शेर हो या हिरन, उससे कोई मतलब नहीं है।
अगर आप को अच्छी ज़िंदगी जीनी है, तो हर
रोज़ भागना पड़ेगा। "संघर्ष के बिना कुछ नहीं
मिलता है।"

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