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सोमवार, 3 जुलाई 2017

आज की शिक्षित मानव।।।

आज की शिक्षित मानव।।।

👌नमो बुध्दाय 👌

पढा-लिखा होना और जागृत होना दोनो में अंतर है ।*

*किताबों को पढ लेने से, या डिग्रियां हासिल कर लेने से कोई जागृत नहीं कहा जा सकता।*

*हर शिक्षित व्यक्ति जागृत ही हो ऐसा नहीं है।*

*जागृति का प्रथम सिद्धांत है÷ अपने दोस्त की पहचान होना ।*

*जागृति का दूसरा सिद्धांत है÷ अपने दुश्मन की पहचान होना ।*

*जागृति का तीसरा सिद्धांत है÷ अपनी ताकत और कमजोरी मालूम होना ।*

*जागृति का चौथा सिद्धांत है÷ दुश्मन की ताकत और कमजोरी मालूम होना।*

*और जागृति का पांचवां सिद्धांत है÷ अपने महापुरुषों का इतिहास मालूम होना ।*

*यह पांच बातें अगर आपको मालूम है,और आप अनपढ़ भी हो,फिर भी आप जागृत कहे जा सकते हो ।*

*अगर आप को ये पांच बातें नहीं मालूम है, और आप शिक्षित भी हो, फिर भी आप जागृत नहीं हो ।*

*आप*
डॉक्टर,
वकील
इंजिनियर,
प्रोफेसर,
IPS,
lAS,
*हो सकते हो ।*
*मगर आप जागृत नहीं कहे जा सकते ।*

*शिक्षा के साथ साथ सामाजिक जागृति बहुत जरूरी है समाज उत्थान के लिये । हमारे पढे लिखे अधिकारी कर्मचारी PhD holder उच्च शिक्षा प्राप्त व्यक्ति को हमारा सही इतिहास नहीं पता । पता नहीं होना यह बुरी बात नहीं है*

        *परन्तु जब पता चल जाये कि मेने सब कुछ पढा जो लोगों नें मुझे पढाया परन्तु मुझे मेरे महापुरुषों का इतिहास नहीं पता ।*
*हमारे महापुरुषों के जीवन संघर्ष और* *बलिदान, जिसकी वजह से हमें शिक्षा लेने का* *अधिकार , शिक्षा देने का* *अधिकार , सम्पत्ति रखने का अधिकार , शस्त्र धारण का अधिकार मिला ।*

*अगर यह जानकारी पता चल जाये*
*उसके बाद भी हमारा आदमी सिर्फ खाने पीनें* *बीवी बच्चों को पालने*
*घर, गृहस्थी जमाने, सम्पत्ति इकट्ठा करना ही जीवन का उद्देश्य रखता है ।*

*तो तुम्हारा तुम्हारे बच्चों का तुम्हारे जीवन का भविष्य सिर्फ और* *सिर्फ तुम्हारे समाज का दुश्मन ही तय करेगा ।*
*हो सकता है कि तुम बच जाओ*
*परन्तु तुम्हारी आनेवाली पीढियों कि गुलामी के जिम्मेदार तुम खुद होगें ।

* आपका मगंल हो *

                        आपका मित्र
                     चन्दन कुमार ठाकुर।
                पलामू,,झारखण्ड।।

बेटियाँ नहीं पराई।।

बेटियाँ नहीं पराई।।

बेटी जब शादी के मंडप से...
ससुराल जाती है तब .....
पराई नहीं लगती.
मगर ......

जब वह मायके आकर हाथ मुंह धोने के बाद सामने टंगे टाविल के बजाय अपने बैग से छोटे से रुमाल से मुंह पौंछती है , तब वह पराई लगती है.

जब वह रसोई के दरवाजे पर अपरिचित सी खड़ी हो जाती है , तब वह पराई लगती है.

जब वह पानी के गिलास के लिए इधर उधर आँखें घुमाती है , तब वह पराई लगती है.

जब वह पूछती है वाशिंग मशीन चलाऊँ क्या तब वह पराई लगती है.

जब टेबल पर खाना लगने के बाद भी बर्तन खोल कर नहीं देखती तब वह पराई लगती है.

जब पैसे गिनते समय अपनी नजरें चुराती है तब वह पराई लगती है.

जब बात बात पर अनावश्यक ठहाके लगाकर खुश होने का नाटक करती है तब वह पराई लगती है.....

और लौटते समय 'अब कब आएगी' के जवाब में 'देखो कब आना होता है' यह जवाब देती है, तब हमेशा के लिए पराई हो गई ऐसे लगती है.

लेकिन गाड़ी में बैठने के बाद
जब वह चुपके से
अपनी आखें छुपा के सुखाने की कोशिश करती । तो वह परायापन एक झटके में बह जाता तब वो पराई सी लगती
😪😪😪😪😪😪😪😪

Dedicate to all Girls..

नहीं चाहिए हिस्सा भइया
मेरा मायका सजाए रखना

कुछ ना देना मुझको
बस प्यार बनाए रखना
पापा के इस घर में
मेरी याद बसाए रखना

बच्चों के मन में मेरा
मान बनाए रखना
बेटी हूँ सदा इस घर की
ये सम्मान सजाये रखना।

Dedicated to all married girls .....

बेटी से माँ का सफ़र  (बहुत खूबसूरत पंक्तिया , सभी महिलाओ को समर्पित)

बेटी से माँ का सफ़र
बेफिक्री से फिकर का सफ़र
रोने से चुप कराने का सफ़र
उत्सुकत्ता से संयम का सफ़र

पहले जो आँचल में छुप जाया करती थी  ।
आज किसी को आँचल में छुपा लेती हैं ।

पहले जो ऊँगली पे गरम लगने से घर को सर पे उठाया करती थी ।
आज हाथ जल जाने पर भी खाना बनाया करती हैं ।

पहले जो छोटी छोटी बातों पे रो जाया करती थी
आज बो बड़ी बड़ी बातों को मन में  छुपाया करती हैं ।

पहले भाई,,दोस्तों से लड़ लिया करती थी ।
आज उनसे बात करने को भी तरस जाती हैं ।

माँ,माँ  कह कर पूरे घर में उछला करती थी ।
आज माँ सुन के धीरे से मुस्कुराया करती हैं ।

10 बजे उठने पर भी जल्दी उठ जाना होता था ।
आज 7 बजे उठने पर भी
लेट हो जाया करती हैं ।

खुद के शौक पूरे करते करते ही साल गुजर जाता था ।
आज खुद के लिए एक कपडा लेने को तरस जाया करती है ।

पूरे दिन फ्री होके भी बिजी बताया करती थी ।
अब पूरे दिन काम करके भी काम चोर
कहलाया करती हैं ।

एक एग्जाम के लिए पूरे साल पढ़ा करती थी।
अब हर दिन बिना तैयारी के एग्जाम दिया करती हैं ।

ना जाने कब किसी की बेटी
किसी की माँ बन गई ।
कब बेटी से माँ के सफ़र में तब्दील हो गई .....
😭😭😭😭😭

Dedicated to all beautiful ladies😢😢😥

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🚩बेटी है तो कल हे।🚩

🚩बहुत प्यारी होती है बेटीया न जाने लोग बोज समझते है बेटीया🚩

गुरुवार, 29 जून 2017

10 बातें 🍁 जो  विद्यार्थियों को नहीं सिखाई जाती।

10 बातें 🍁 जो विद्यार्थियों को नहीं सिखाई जाती।

विद्यार्थी कृपया इस बात को जरूर शेयर करें~~

10 बातें 🍁 जो  विद्यार्थियों को नहीं सिखाई जाती।

💱 १ जीवन उतार-चढ़ाव से भरा है  इसकी आदत बना लो.

💱 २  लोग तुम्हारे स्वाभिमान की  परवाह नहीं करते इसलिए पहले खुद को  साबित करके दिखाओ.

💱 ३ कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद  5 आंकड़े वाली  पगार  की मत सोचो, एक रात में कोई  वाइस प्रेसिडेंट नहीं बनता. इसके लिए अपार मेहनत पड़ती है.

💱 ४  अभी आपको अपने शिक्षक सख्त और डरावने लगते होंगे  क्योंकि अभी तक आपके जीवन में  बॉस नामक प्राणी से पाला नहीं पड़ा.

💱 ५  तुम्हारी गलती सिर्फ तुम्हारी है तुम्हारी पराजय सिर्फ तुम्हारी है किसी को दोष मत दो इस गलती से सीखो और आगे बढ़ो.

💱 ६  तुम्हारे माता पिता तुम्हारे जन्म से पहले इतने निरस और ऊबाऊ नही थे जितना तुम्हें अभी लग रहा है तुम्हारे पालन पोषण करने में उन्होंने इतना कष्ट उठाया कि उनका स्वभाव बदल गया.

💱 ७  सांत्वना पुरस्कार सिर्फ स्कूल में  देखने मिलता है. कुछ स्कूलों में तो  पास होने तक  परीक्षा दी जा सकती है लेकिन बाहर की दुनिया के नियम अलग हैं वहां हारने वाले को मौका नहीं मिलता.

💱 ८ – जीवन के स्कूल में  कक्षाएं और वर्ग नहीं होते और वहां महीने भर की छुट्टी नहीं मिलती. आपको सिखाने के लिए कोई समय नहीं देता. यह सब आपको खुद करना होता  है.

💱 ९ – tv का जीवन सही नहीं होता और जीवन tv के सीरियल नहीं होते. सही जीवन में आराम नहीं होता सिर्फ काम और सिर्फ काम होता है .

💱 १०– लगातार पढ़ाई करने वाले और कड़ी मेहनत करने वाले अपने मित्रों को कभी मत चिढ़ाओ. एक समय ऐसा आएगा कि तुम्हें उसके नीचे काम करना पड़ेगा.

"विश्वास " किसी पर इतना करो कि वो तुम्हे फंसाते समय खुद को दोषी समझें
🍁✌🏼
" प्रेम " किसी से इतना करो कि उसके मन में तुम्हें खोने का डर बना रहे

सोमवार, 26 जून 2017

You have the Required "Time Space", to Explore the Right Concept. Act Time in Wisdom...

You have the Required "Time Space", to Explore the Right Concept. Act Time in Wisdom...

You have the Required "Time Space", to Explore the Right Concept. Act Time in Wisdom...

Life don't offer any Better, than what You offer to others. Love More.

#Sighting_Your_Vision

Eyes that See are few, compare to those that look.

Those who look but can't See, are drown in the illusion of Life. They are called Observers.

While, Seers are those, whose Consciousness is stirred towards Reality.

Their Involvement, keeps their Actuality in the Path of Vision. These set of People, have Places in Purpose.

In Our Journey through Life, We are all Entitle To Whatever We Capture in our Mind.

If You must be Great, Permit Yourself for Greatness.

There are Certain things, that Requires Your contribution and not Your Attention. Get Your Priorities Right.

To Constantly Spend Your Time on irrelevant things, is to Gradually diminish in Productivity.

Don't heed to Distraction, if You must have The Sight for Vision.

"Stay Calm and Balanced"

"Be Okay and Firm"

"Keep Your Sight and Vision"

#ThinkBETTER

#ThinkSIGNIFICANCE

#GODBLESS_TheUniverse

HAVE A CALM DAY...GOD BLESS You...

You can share...GOD BLESS...

गुरुवार, 22 जून 2017

बिजली बचाने का उपकरण

बिजली बचाने का उपकरण

बिजली बचाने का उपकरण

नमस्कार! मेरा नाम संजय रावत है और मैं बचपन से ही इलेक्ट्रीशियन का काम करता आया हूँ।

जब से मुझे याद आता है, बिजली के भाव हमेशा बढ़ते ही रहे हैं! मुझे पता है कि खपत तो एक सीमा के बाद कम कर नहीं सकते, इसलिए मैं हमेशा मेरे घर के मीटर के बारे में सोचता रहता था: मैंने वहाँ कागज की क्लिप लगा कर देखी, चुंबक चिपका कर देखा और थोड़ा मीटर वापस घुमा कर भी देखा। मेरा बहुत बड़ा परिवार है और हमारी बिजली की खपत बहुत ज़्यादा है, छोटे बच्चों के कपड़े और अंडरवियर वगैरह में वॉशिंग मशीन काफी बिजली खाती है और मेरा तीसरा बच्चा पूरे टाइम कंप्यूटर पर बैठा रहता है। तो इसलिए मैंने बिजली विभाग से बिजली की चोरी की, और क्या इसे छुपाना कोई पाप है? मैं फ्लैटों में बिजली फिटिंग और सुधारने का काम भी करता हूँ। एक बार मैं एक फ्लैट में बिजली का काम कर रहा था तो मैंने एक बड़ी दिलचस्प चीज देखी। मैंने मीटर चालू किया, वायरिंग पूरी की और मकानमालिक ने फ्लैट की फिनिशिंग का काम चालू कर दिया।

उसने आरी से कुछ किया और ड्रिलिंग करके कोई चीज वहाँ लगा दी, और अगले दिन मीटर में सिर्फ 300 वाट की रीडिंग आई। कैसे? ये तो इससे 5-6 गुना ज़्यादा होना चाहिए था? मैंने मकानमालिक से पूछा तो उसने बताया कि उसके पास एक ऐसा उपरण है जो बिजली का खर्च कम कर देता है। मुझे तो विश्वास नहीं हुआ; मुझे शर्म आ रही थी कि मैं इतनी आसान सी विज्ञान की चीज भी नहीं जानता थी। खैर, आज स्थिति ये है कि मेरा बिजली का बिल एक तिहाई हो गया है और इसलिए मैं सभी को इसकी सलाह देता हूँ। इस उपकरण का नाम है ELECTRICITY SAVING BOX, और जैसा मुझे समझ है, इसे आप दुकान से नहीं खरीद सकते। ये भी साफ है, कि इससे सरकार को भी कोई ज़्यादा नुकसान नहीं होता। सरकार हर तरह के टैक्स लगाती है और मैं भी कोई कम टैक्स नहीं भरता हूँ, इसलिए ये थोड़े से पैसे बचा लेना कोई गलत बात नहीं है और जायज है।

मेरे बेटे ने मुझे इंटरनेट सिखाई और हाल ही में मुझे एक वेबसाइट मिली जो ये उपकरण बेचती है। ये रही इस वेबसाइट की लिंक, देखें और खुद फैसला करें कि आप पैसे बचाना चाहते हैं या नहीं। मेरी मानें तो जब हम बचा सकते हैं तो ज़्यादा बिल क्यों भरना? मैं अपनी कड़ी मेहनत की कमाई को यूँ ही पानी में बहाना नहीं चाहता।